मेरे सामने एक आईना था

थोडा टूटा था

लेकिन उसमे कुछ छूटा था…

छूट गयी शिकन

छूट गयी ख़ामोशी

छूट गयी विरह

छूट गयी तन्हाई …

छूट गया था सपना

छूट गया था अपना

छूट गए थे इंतज़ार

छूट गया था प्यार…

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