May the Nature find its Peace

आसमाँ आसमाँ आसमाँ
सुन ले इक किरण का रोना
ये चाहे तुझको छूना…

आसमाँ आसमाँ आसमाँ
तारे हैं तेरे साथ में
फिर क्यूँ दर्द है
आज तेरी उड़ान में…

आसमाँ आसमाँ आसमाँ
तेरे साथ हवा का झोखा
कुछ है बुझा-बुझा सा…

आसमाँ आसमाँ आसमाँ
है अंधेरे में समाँ
धरती हो रही वीरान…

आसमाँ आसमाँ आसमाँ
पिघल रहा है पानी
पिघलते क्यूँ नहीं दिल…

आसमाँ आसमाँ आसमाँ
हो रहा सुनसान
क्यूँ परिंदों का कारवाँ…

आसमाँ आसमाँ आसमाँ
तू सोखा क्यूँ आसमाँ
तू खोया कहाँ ए आसमाँ…

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