GULZAAR – a poetic thought

छोटी सी दिल की उलझन है, ये सुलझा दो तुम…
जीना तो सीखा हैं मर के, मरना सीखा दो तुम

These lines are from evergreen Gulzaar. Whenever I feel down I read them.

They provide peace, solace, grace.

Gulzaar is unmatchable…

हमने देखी है इन आँखों में महकती खुश्बू
हाथ से छू के इसे रिश्तों का इल्ज़ाम ना दो…
एक एहसास है यह दिल से महसूस करो
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो…

Only Gulzaar sahab can see-feel the ‘smell of emotions’…

No more words…….“Thoda hai thode ki zaroorat hai, zindagi fir bhi yahan khubsoorat hai”…“तुम जो कह दो तो आज की रात चाँद डूबेगा नही”..

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