इक तलाश है सबको…

हर इंसान अकेला है
वो चाहे मैं हूँ
या तुम हो
या कोई और हो…
इक तलाश है सबको…

तलाश खुशी की
तलाश खामोशी की
तलाश किस्मत की
तलाश जन्नत की…

तलाश आगोश की
तलाश मदहोशी की
तलाश रूठने की
तलाश मनाने की…

तलाश नाज़ों की
तलाश ख्वाबों की
तलाश खूशबू की
तलाश आरज़ू की…

तलाश अपनेपन की
तलाश विश्वास की
तलाश एक कदम की
तलाश अदा की… 

तलाश एक त्योहार की
जिसमे कोई रोता ना हो
तलाश एक रंग की
जिसमे खून की लाली ना हो
तलाश एक सुर की
जिसमे छटपटाहट का शोर ना हो
तलाश एक माझी की
जिसे लहरों का डर ना हो…
तलाश एक मौज की
जिसमे हँसी गुम ना हो
तलाश एक नब्ज़ की
जिसकी धड़कन थमी ना हो
तलाश एक रास्ते की
जो पथरीला ना हो
तलाश एक काँटे की
जिसकी चुभन से जख्म ना हो…

इस तलाश में
ज़िंदगी चलती है
इस तलाश में
ज़िंदगी गुज़र जाती है
कुछ को मिलती है मंज़िल
कुछ से छूट जाती है
बाकी फिर सिर्फ़
तलाश रह जाती है….

continued by http://jeewanjoshi.wordpress.com

Jaise phoolon ko khushboo ki talaash hai

woh bhool gaya ki yeh usike pass hai….

Kuch tere paas hai, kuch mere pass hai

jo dard kisi ka nahin usse meri talaash hai…

endless search
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