दर्द क्या है ?
किसी के लिए दर्द दुआ है….किसी के लिए दर्द सज़ा है…!

आज तेरी याद आई
आज फिर कोई दर्द उठा है…
हम मौत के हैं पास
फिर भी सनम हमसे रूठा है !!!

ये सनम की बेवफ़ाई की इंतेहा है
क्यों नहीं हमारे लिए वो संजीदा है…
क्यूँ सूखी हैं उसकी आँखें
क्यूँ बंद हैं उसकी बाहें
क्यूँ है उसकी खामोशी में गहराई !!!
हम मौत के हैं पास
फिर भी सनम हमसे रूठा है !!!

इस दर्द का अपना मज़ा है
इस दर्द को हमने जिया है…
यह दर्द तो अब मीठा लगता है
भीड़ में तन्हा करता है !!!
वो करलें पार सारी हद…
अब दर्द ना दे सकेगा दर्द!!!

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